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Mukhya Samachar

भारत-चीन सीमा पर तनाव, दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प

भारत-चीन सीमा पर तनाव, दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प

नई दिल्ली, 11 फरवरी 2025: भारत और चीन के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई है। इस घटना में कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं। भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, और दोनों पक्षों के सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत जारी है।

तनाव की वजह क्या है?

इस झड़प के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:

  1. LAC पर गश्त को लेकर विवाद: भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर विवाद बना हुआ है। चीन की सेना बार-बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रही है।
  2. सैन्य निर्माण गतिविधियां: हाल ही में उपग्रह चित्रों से पता चला है कि चीन LAC के पास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है।
  3. कूटनीतिक वार्ता का ठप होना: पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता ठप पड़ी है, जिससे सीमा विवाद सुलझ नहीं पा रहा है।

भारतीय सेना की प्रतिक्रिया

भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “हम अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। हमारे सैनिकों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा है। हम राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

चीन की प्रतिक्रिया

चीनी विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी है और दोनों देशों को टकराव से बचना चाहिए। हालांकि, चीन की सेना ने भारतीय सेना पर घुसपैठ का आरोप लगाया है, जिसे भारत ने खारिज कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि यह झड़प भारत-चीन संबंधों के लिए एक और बड़ा झटका हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।

आगे क्या होगा?

  • उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता की संभावना बढ़ गई है।
  • सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
  • सरकार ने स्थिति की समीक्षा के लिए रक्षा मंत्रालय की आपात बैठक बुलाई है।

भारत-चीन सीमा पर यह नया तनाव दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट ला सकता है। अब यह देखना होगा कि राजनयिक वार्ता से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

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