नई दिल्ली, 11 फरवरी 2025: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा को पार कर गया है। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंच चुका है, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया है।
प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं:
- वाहनों से निकलने वाला धुआं – दिल्ली में बढ़ती गाड़ियों की संख्या के कारण वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
- निर्माण कार्यों की धूल – लगातार हो रहे निर्माण कार्यों से धूल के कण वातावरण में बढ़ रहे हैं।
- पराली जलाने की घटनाएं – पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के कारण दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है।
- मौसमी परिस्थितियां – ठंड के मौसम में हवा स्थिर रहती है, जिससे प्रदूषण के कण वातावरण में फंस जाते हैं।
सरकार के उठाए गए कदम
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कुछ अहम कदम उठाए हैं:
- सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
- निर्माण कार्यों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है।
- आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की गई है।
- पानी का छिड़काव कर धूल को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो और बस सेवाओं में वृद्धि की गई है।
नागरिकों के लिए सुझाव
सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को प्रदूषण से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है:
- अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और घर के अंदर रहें।
- बाहर जाते समय N95 मास्क का उपयोग करें।
- हवादार स्थानों में रहने की कोशिश करें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि:
- अस्थमा और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
- लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से फेफड़ों के रोग और हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
भविष्य की रणनीति
सरकार और पर्यावरण विशेषज्ञ दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधान तलाश रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, हरित क्षेत्रों को विकसित करने और सख्त पर्यावरण कानूनों को लागू करने जैसे उपायों पर विचार किया जा रहा है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार और नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।